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राहुल ने मुझे ऑफिस में चोदा

मेरा नाम रुबी है और मैं दिल्ली की रहने वाली हूं। जब मेरी पढ़ाई पूरी हो गई तो मैंने मुंबई जाने की सोची और वहां जाकर कुछ करना चाहा लेकिन मेरे घरवालों ने मुझे वहां जाने से मना कर दिया।

एक दिन मैं घर से भागकर मुंबई चली गई। मैंने किसी को भी नहीं बताया कि मैं कहां जा रही हूं मेरे पास मेरे थोड़े बहुत जमा किए हुए पैसे और मेरे पास कुछ भी नहीं था। मुंबई तो मैं पहुंच गई लेकिन अब यहां इतने बड़े शहर में आकर मैं क्या करूं। पहले तो मैंने इस बारे में नहीं सोचा लेकिन अब मुझे चिंता होने लगी कि मैं घर से भागकर तो आ गई लेकिन यहां आकर मुझे कौन सपोर्ट करेगा। मैंने अपने लिए वहां किराए पर एक छोटा सा रूम लिया क्योंकि मेरे पास ज्यादा पैसे तो थे नहीं इसलिए मुझे ऐसी जगह रहना पड रहा था। अब मैं अपने लिए जॉब की तलाश में घूम रही थी लेकिन मुझे जॉब नहीं मिली। मैंने सब जगह ट्राई किया लेकिन मैं कामयाब नहीं हुई। कुछ समय बाद मेरे पास कुछ भी नहीं था मेरे सारे पैसे खर्च हो गए थे। अब मुझे और भी चिंता होने लगी कि आगे क्या होगा फिर मैंने सोचा एक छोटी सी जॉब मिल जाती तो ठीक था। कुछ समय बाद मुझे एक बार में डांसर की जाँब मिली। मेरे पास इसके अलावा और कोई भी रास्ता नहीं था।

अगर मैं यह नहीं करती तो मुझे वापस घर लौटना पड़ता जो मैं चाहती नहीं थी। जब तक मैं कुछ करन ना लू तब तक मैं घर नहीं जा सकती थी। मैं थोड़े समय में एक बार डांसर बन गई। शुरू में तो मुझे वहां का माहौल कुछ अच्छा नहीं लगा लेकिन मेरी मजबूरी थी फिर धीरे- धीरे कुछ समय बाद  मैं उसी माहौल के हिसाब से रहने लगी थी। मुझे उस बार मे डांस करते करते लगभग एक साल हो गया था और अभी भी मुझे यहां से निकलने का कोई भी रास्ता नहीं दिख रहा था। मैं बार में डांस के अलावा अपने लिए कुछ और अच्छा देख रही थी लेकिन उस समय मेरी किस्मत भी मेरा साथ नहीं दे रही थी इसलिए मुझे इस तरह से सब लोगों के बीच डांस करना पड रहा था। मजबूरी में इंसान क्या कुछ नहीं कर सकता। मुझे यह सब बिल्कुल भी पसंद नहीं आ रहा था फिर भी मैं यहां बार डांसर थी। इस बार में जॉब करते करते मेरे पास थोड़ा पैसे जमा हो गए थे। बार में सब अलग-अलग तरीके के लोग आते थे। जो मुझ पर पैसा भी उडाते थे और मुझे अपने साथ एक रात के लिए भी ले जाते थे। मैं उन सबका मन बहलाती थी और उनसे अपनी चूत भी मरवा कर आ जाती थी। यही मेरी दिन की और रात की कहानी बनकर रह गई थी। मैंने ना जाने कितने को लंड अपने मुंह में लिया और अपनी चूत मे भी लिए इसके बदले मुझे बहुत सारे पैसे मिल जाते थे।

मैंने उस घर को छोड़कर एक अच्छा सा दूसरा घर किराए पर ले लिया। इस बार मैंने किराए पर फ्लैट लिया था लेकिन उसका किराया बहुत ज्यादा था। सारे पैसे किराए में ही लग जाते थे।  एक दिन मैं एक लड़के से मिली उसने मुझे बार में डांस करने से मना किया। वह लड़का मुझे मेरे ही फ्लैट मे मिला था। वह मेरे बगल में रहता था उसका नाम राहुल है। राहुल का खुद का बिजनेस है। इसीलिए मैंने उसे मेरे लिए कोई जॉब ढूंढने के लिए कहा था। बस इसी तरह हमारी बातचीत हुई उस दिन मैं जब बार से घर जा रही थी। मुझे राहुल मिला था मुझे नहीं पता था कि वह मेरे ही बगल वाले फ्लैट में रहता है। उसी समय मेरी मुलाकात हुई थी फिर मैंने उसे अपने घर के बारे में बताया कि मैं किस तरह से घर से यहां आई और मैंने क्या किया। यह सब सुनकर वह मेरी मदद के लिए तैयार हो गया था फिर उसने मेरे लिए इधर-उधर जॉब के लिए अप्लाई किया। मैं चाहती थी कि मुझे कुछ अच्छा काम मिले ऐसी छोटी मोटी जॉब में नहीं करना चाहती थी।

उसने मुझे उस बार कहा कि तुम मेरे साथ बिजनेस में मेरी पार्टनर बन जाओ। मैं इस बात को सुनकर हैरान हो गई थी एक अनजान आदमी मुझे अपने पार्टनर बनाने के लिए कैसे तैयार हो गया। मैंने उससे कहा कि तुम मुझे अपना पार्टनर क्यों बनाना चाहते हो। तुम तो मुझे अभी अच्छी तरीके से जानते भी नहीं हो फिर उसने कहा कि तुम मुझे अच्छी लड़की लगती हो। तुम बार में डांस करती थी यह तुम्हारी मजबूरी थी लेकिन अब तुम बार में डांस नहीं करोगे और मेरे साथ मेरे बिज़नेस में पार्टनर बनकर रहोगी। मुझे इस बात से बहुत खुशी हुई और मैंने भी उसके साथ उसकी बिज़नेस में पार्टनर बन कर उसके बिजनेस को और आगे बढ़ाया। मैंने सोचा था कि जब मैं एक सक्सेस इंसान के रूप में ऊंचाइयां छू लूंगी फिर जाकर अपने घर वापस जाऊंगी और अपने मां-बाप से मिलूंगी। यह सपना मेरा पूरा होने लगा। आज हमारी कंपनी सबसे बेस्ट कंपनी है। यह सब हमारी मेहनत का और भरोसे का फल है। मैंने इस कंपनी को आगे बढ़ाने में जी जान से मेहनत और कितनो से अपनी चूत मरवाई। राहुल मुझे आधा काम सौंप देता था और बाकी का काम खुद संभालता था। मैंने भी उसे शिकायत का कोई मौका नहीं दिया और पूरे दिल से इस बिजनेस को आगे बढ़ाया।

राहुल की तरफ मै अट्रैक्ट हो गई थी। एक दिन ऑफिस में ऐसे ही हम लोग बैठे हुए थे। राहुल मुझसे कहने लगा कि तुम्हारा मन नहीं होता कि कोई तुम्हें चोदे मैंने उसे कहा मेरा मन तो बहुत होता है लेकिन आज तक मैंने किसी के साथ भी अपनी मर्जी से नहीं किया है सिर्फ पैसो के लिए किया है। मैं राहुल के प्रति काफी अलग ही नजरिया रखती थी और मैंने राहुल को कहा कि तुम मेरी चूत मार सकते हो तुमने मेरे लिए बहुत कुछ किया है। तुमने मुझे उस दलदल से बाहर निकाला जहां से मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि शायद मैं वहां से बाहर निकल भी पाऊंगी। तुमने मेरी बहुत ही मदद की है इसलिए मैं तुमसे अपनी चूत मरवाना चाहती हूं। मैंने अपने सारे कपड़े उतार कर किनारे रख दिए। अपने चूत मे मैं उंगली करने लगी। राहुल यह सब देख रहा था और जब मेरी पानी निकलने लगा तो वह बहुत जल्दी से आया और उसने अपनी जीभ को मेरी चूत पर लगाना शुरु कर दिया। वह कुत्ते की तरह बहुत अच्छे से मेरी चूत को चाट रहा था। यह सब राहुल को बहुत अच्छा लग रहा था और वह अपनी जीभ को मेरी चूत मे डाल देता। उसने अपनी उंगली को भी मेरी चूत मे डाल दिया था जैसे ही वह अंदर बाहर करता जाता तो मेरा पानी बड़ी तेजी से निकल जाता। अब उससे भी नहीं रहा जा रहा था उसने भी अपने लंड को बाहर निकाला और मेरी चूत से सटा दिया। जैसे ही उसने अपने लंड को मेरी चूत के अंदर डाला तो मेरी चीख निकल पडी और मैं बहुत तेज चिल्लाने लगी क्योंकि उसका लंड बहुत मोटा भी था और लंबा भी था।

वह मुझे बड़ी जानदार तरीके से चोद रहा था। मुझे यह सब अपनी मर्जी से करने में बहुत ही आनंद आ रहा था। उसने मुझे इतना गंदे तरीके से रगड़ना शुरू किया की मेरी चूत खुलकर रह गई। वह भी तेजी से झटके मारने लगा उसके लंड और मेरी चूत की गर्मी को हम दोनों बर्दाश्त नहीं कर सके। हम दोनों का ही गिरने को हो गया। राहुल ने मेरे अंदर ही अपने माल को गिरा दिया। अब जब उसने मेरे अंदर ही गिरा दिया था तो मैंने उसे कहा कि तुम मेरी चूत को साफ कर दो उसने अपनी जेब से अपने रुमाल से मेरी चूत को अच्छे से साफ किया। उसके बाद मैंने अपने कपड़े पहन लिए और मुझे कहने लगा कि तुम हर काम में बहुत ही आगे हो। तुमने मेरे बिजनेस को भी बहुत आगे बढ़ा दिया है और आज तुमने मुझे मेरी खुशी भी दे दी अपनी चूत मुझ से मरवाकर। राहुल ने मुझसे कहा कि तुम अपने घरवालों को अब मुंबई बुला लो और उन्हें सब कुछ बता दो।

अब मेरे मम्मी पापा मेरी इस काबिलियत से बहुत खुश है। पहले तो मुझसे बहुत नाराज थे कि मैं बिना बताए घर से चली गई ना कोई फोन ना कोई मैसेज लेकिन अब वह मेरे साथ ही मुंबई में रहते हैं और हमारा खुद का घर है। यह सब मेरी मेहनत का फल है और राहुल ने जो मुझे पार्टनर बना कर मुझ पर जो भरोसा किया। मैंने उस भरोसे को बरकरार रखा उसे कभी शिकायत का मौका नहीं दिया।