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Makan Maalkin ke saath Sex

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम शाश्वत है और मैं 24 साल का हूँ | मैं दिल्ली पालिका बाजार में रहता हूँ और मैं मैकेनिकल इंजीनियर हूँ | मैं दिखने में स्मार्ट हूँ और गोरा हूँ पर मैं बहुत सीधा सादा लड़का हूँ | मेरा लंड 7 इंच लम्बा और 4 इंच मोटा है मैंने खुद नापा है अपने लंड को |आप सभी ने ध्यान दिया होगा कि जितने भी स्टोरी लिखने वाले होते हैं वो लड़कियों और भाभियों को इम्प्रेस करने के लिए अपना साइज़ ज्यादा बताते हैं पर मेरा यकीन करना क्यूंकि ये मेरा रियल साइज़ का लंड है |

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मुझे सेक्स स्टोरीज पढना बहुत अच्छा लगता है और मैं रोज सेक्स स्टोरीज पढता हूँ | आज मैंने सोचा की क्यूँ न मैं भी अपनी एक घटना को आप सभी के सामने प्रस्तुत करू वैसे तो मैं बहुत पहले ही अपनी स्टोरी बताने वाला था पर मुझे टाइम नहीं मिल पा रहा था अपनी स्टोरी लिखने का | लेकिन आज मुझे टाइम मिला तो सोचा की स्टोरी लिख ही देता हूँ | अब मैं आप लोगों को अपनी घटना के बारे में बताता हूँ |

ये बात पिछले साल की है जब मैं अपनी पढाई के आखिरी पडाव पर था | तब मैं दो कमरे का फ्लैट ले कर रहता था | और मेरे साथ उस फ्लैट में हम 3 बन्दे रहते थे | और जो दो कमरे में थे उसमे 55 साल की बुढिया, 36 साल के भैया, 32 साल की भाभी और उनके 1 बच्चा रहते थे | जो भाभी रहती थी उनका फिगर एक दम कातिलाना था 34-30-36 का | अब आजू बाजू रहते थे तो मेरी उनके पति से अच्छी खासी दोस्ती हो चुकी थी और हम लोग बहुत मस्ती भी किया करते थे | भाभी काफी ओपन माइंडेड थी तो वो हर चीज़ समझती थी और हम लोग बच्चे थे तो सबके साथ हंसी माजक किया करते थे | कुछ समय तक तो मैंने कभी नही सोचा था  भाभी अपने पल्लू को जान बूझ कर दिखा रही है या कुछ भी एसा नहीं होता था जिससे ये लगता की हमारे मन में कुछ गलत है या भाभी के मन में सब अच्छा खासा चल रहा था | ज्यादातर मैं ही घर में रुकता था और भाभी भी मुझसे ही ज्यादा बाते किया करती थी क्यूंकि मेरे दोस्तों को तो बस घूमने से मतलब था | अब धीरे धीरे भाभी मेरी तरफ ज्यादा ध्यान देने लगी थी उसे मेरी हर बाते सुनना बड़ा अच्छा लगने लगा था और मेरे सामने वो अब जान बूझ कर कभी अपनी साडी का पल्लू गिरा देती और मुझसे सट सट कर निकलने लगी थी और अपनी गांड मटका मटका चला करती थी | वो पूरी तरह से मुझे पटाना चाहती थी ऐसा मुझे लग रहा था पर मैं तब भी यही सोचता था कि भाभी से ये सब धोके से हो रहा है |

फिर एक दिन हम ऐसे ही नॉर्मली बात कर रहे थे तो वो अचानक से पूछ बैठी कि तेरी गर्लफ्रेंड कौन है ? तो मैंने कहा भाभी कोई नही है मेरी गर्लफ्रेंड आप ऐसा क्यूँ पूछ रहे हो ? तो वो बोली अरे तू इतना स्मार्ट दिखता है गोरा भी है कोई तो होनी चाहिए न तेरी गर्लफ्रेंड ? तो मैंने कहा अरे नहीं है भाभी सच में मैं झूट नहीं बोल रहा हूँ | फिर उन्होंने कुछ नहीं कहा और बस हम आपस में ऐसे ही बात करने लगे | फिर उसके अगले दिन भाभी कपडे धो रही थी और उन्होंने डीप गले का ब्लाउज पहना हुआ था जिसमे से उनके बड़े बड़े दूध बाहर दिख रहे थे | भाभी ने मुझे अपने दूध देखते हुए देख लिया था (आखिर मैं भी एक लड़का हूँ ये सब देखने की मुझे इच्छा होती है आज तक कभी तो चूत मिली नहीं थी | )

फिर भाभी ने मुझसे कहा कि क्यूँ शाश्वत दूर से बस देखता ही रहेगा या कुछ करेगा भी | तो मैंने कहा अरे भाभी मन तो कर रहा है पर डर रहा था की कहीं आप गुस्सा न हो जाओ | तो वो बोली अरे बस कर अब आजा और करले अपने मन की मुरादे पूरी | फिर मैं भाभी के पास जाकर उनके दूध को दबाने लगा और ऐसा करते करते मेरा लंड भी खड़ा हो गया था | मैंने भाभी के जब दूध को मसलना चालू किया तब भाभी आआहा उन्न्न्हह आहाहा ऊउम्ह्ह्ह हह्हहः हाहाहा और जोर से दबा शाश्वत कितना अच्छा लग रहा है तेरा ऐसा करना हाय | आहाहाहा इऊउन्न्ह्ह ऊऊह्ह्ह्ह अनाअनाआह कितने अच्छे से दबा रहा है रे | फिर मैंने बोला अरे भाभी आप तो बस मौका दो तुम्हे जन्नत की सैर न करा दी तो बोलना | तो वो बोली अभी तू बस इसी से काम चला क्यूंकि अगर तेरे दोस्तों ने या मेरे पति ने आकर देख लिया तो शामत आ जायगी | फिर मैंने कहा कि अब कब दोगी भाभी मौका मुझे | मेरा लंड तो तुम्हारी याद में परेशान रहता है और तुम्हे याद करके रोज मुठ मरना पड़ता है | तो वो बोली तू चिंता न कर बहुत जल्दी मौका मिलेगा | फिर मैं अपने फ्लैट में आ आ गया और बस फिर क्या था बाथरूम में गया और उसके नाम की मुठ मारी |

एक हफ्ते के बाद मेरी किस्मत ही चमक गई थी कॉलेज की छुट्टियाँ पड़ गई थी और मेरे दोनों दोस्त अपने अपने घर चले गये थे और भाभी के पति और उसकी दादी को अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले थे | बस फिर क्या था मुझे भी इसी मौके की तलाश में था और भाभी भी | अब होना था चुदाई का नंगा नाच | जैसे ही वो लोग अमरनाथ यात्रा के लिए निकले भाभी ने मुझे अपने फ्लैट बुला लिया और मैं तो खुल्ला सांड बन के बैठा ही था | उन्होंने जैसे ही बुलाया और मैं झट से उनके घर चला गया | जाते ही साथ मैंने भाभी की कमर पकड़ के उन्हें दीवार पर टिका दिया और उन्हें किस करने लगा भाभी तो हमेशा गर्म ही रहती थी तो वो भी मेरा साथ देने लगी और हम दोनों एक दूसरे को पागलों की तरह किस कर रहे थे |  मैं भाभी के चेहरे को बुरी तरह से चूमते जा रहा था और भाभी मेरे चेहरे को | मैंने भाभी से कहा तेरे लिए कितना बेताब था मैं अब जा कर तू मुझे मिली | आज तुझे कराऊंगा जन्नत की सैर फिर वो बोली हाँ सब तेरा ही है करले जो करना है तुझे | फिर से हम दोनों ने एक दूसरे को चूमना चालू कर दिया |

भाभी ने मुझसे कहा राजा बस तू चूमता ही रहेगा या आगे भी बढेगा | फिर मैं भी के पीछे आ कर खड़े हो गया और भाभी की गांड में अपना लंड घुसाने लगा और सामने हाँथ करके उसके दूध दबा रहा था और उसकी गर्दन में किस कर रहा था | भाभी आअहहाआ ऊउम्म्ह्ह ऊउन्न्ह अहहहाआ अहाहा ऊउम्म्ह्ह आअहौउम्म्ह कर रही थी | फिर मैंने भाभी की साडी उतार दी वो अब बस ब्रा और पेन्टी में थी फिर मैंने ब्रा और पेन्टी भी उतार दी और उन्हें बिस्तर में लेटा दिया | अब मैं भाभी के दूध मजे से चूस रहा था | भाभी के दोनों दूध में एक साथ मुंह में ले कर चूस रहा था और भाभी बस अहाहहहः अहहहहहब अहहहहः अहहहः अहहहः अहाहा औऊंनंह उऊंन्ह्ह ऊउम्म्झ्ह अहहहः अहहहह्हाआआ कर रही थी | भाभी मेरे इतना करने पर ही एक बार झड गई थी | 10 मिनट तक उनके दूध पीने के बाद भाभी ने मेरे कपडे उतारे और मुझे नंगा कर दिया | भाभी मेरा खड़ा लंड देख के बहुत खुश हो गई और कहने लगी की शाश्वत तेरा लंड तो बहुत बड़ा और मोटा है रे जो भी तुझसे चुदेगी उसे तो सही में जन्नत ही नसीब होगी | तो मैंने कहा हाँ जो फिलहाल में तुझे ही होगी | फिर भाभी मेरा लंड चूसने लगी वो हर जगह छु रही थी और चाट रही थी और मैं अहहहहहाह अहहहः अहहहः आह्ह्हा अहहः अहहः अहहाह कर रहा था | भाभी ने मेरा लंड 15 मिनट तक चूसा था | फिर मैंने भाभी को बैठा दिया और भाभी की चूत में एक जोरदार झटका मार कर पूरा लंड अन्दर घुसा दिया भाभी की चीख निकल गई थी जैसे ही मेरा लंड उसकी चूत में गया | फिर मैं भाभी को जोर जोर से चोदने लगा और भाभी मजे ले ले कर चुदवाने लगी और वो वो बहुत जोर जोर से सिस्कारियां भर रही थी अहाहहह्हा अहहह्हहहह्हा आहाहहः अहहहहहः अहहह्हः अहहहः आहाह्हा अहहहा  अहहहह्हाहा अहहहा अहः कर रही थी |  आधे घंटे की चुदाई के बाद मैंने भाभी की कुंवारी गांड भी मारी थी | 8 दिनों तक मैंने भाभी को खूब चोदा था और अब तो भाभी को मेरा ही लंड पसंद आता है जब भी मौका मिलता है हम खूब चुदाई करते हैं |

तो दोस्तों ये थी मेरी कहानी और एक दम सच्ची घटना | उम्मीद करता हूँ की आप लोगो को मेरी ये कहानी पसंद आई होगी | और मैं वादा करता हूँ की आपके मनोरंजन के लिए रोज नयी नयी कहानिया उजागर करू |

Shadi me Sex

हेल्लो दोस्तों कैसे हो आप सभी लोग ? मैं आशा करता हूँ की मेरे दोस्त अच्छे ही होंगे और अपनी लाइफ को मस्ती के साथ जी रहे होंगे | दोस्तों आप लोगो को चुदाई करना तो पसंद ही होगा | आप लोगो को अगर चुदाई करना पसंद है तो आप सभी लोग चुदाई का पूरा मज़ा ले ही रहे होगे |

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दोस्तों मैं आज एक बार फिर से आप लोगो की सेवा में एक कहानी को लेकर हाज़िर हूँ | मैं जो कहानी लेकर आया हूँ ये मेरी सच्ची कहानी है और मेरे जीवन की सच्ची घटना | मैं जो आज कहानी प्रस्तुत करने जा रहा हूँ ये कहानी आप लोगो को पसंद आये मैं आप लोगो से यही आशा करता हूँ और इस कहानी को पढने में आप लोगो को मज़ा तो जरुर आयेगा | मैं अपनी कहानी को शुरू करने से पहले अपने बारे में बता देता हूँ | मेरा नाम राहुल है और मेरी उम्र 22 साल है | मेरो हाईट 5 फुट 8 इंच है | मेरी हाईट ठीक होने की वजह से मेरी बॉडी भी ठीक ठाक है | दोस्तों मेरा रंग गोरा है और मैं दिखने में काफी स्मार्ट लगता हूँ | मैं अभी पढाई करता हूँ | दोस्तों मेरा परिवार ज्यादा बड़ा नही है | मेरे घर में सिर्फ़ 5 लोग रहते हैं | मेरे पापा और मम्मी मेरे भईया भाभी मैं रहते हैं क्यूंकि मेरे भईया की शादी हो गयी है | मेरी भाभी दिखने में सुन्दर हैं और वो हम सबका बहुत अच्छे से ख्याल रखती हैं | दोस्तों मैं आप लोगो का ज्यादा टाइम न बर्बाद करते हुए सीधे अपनी कहानी पर आता हूँ |

ये कहानी अभी कुछ महीने पहले की है | दोस्तों मेरे मामा की लड़की की शादी होने वाली थी | तब मुझे और मेरे घर के सभी लोगो को शादी में जाना था इसलिए हम सब लोग 3 दिन पहले ही वहां चले गए | जब हम सब लोग वहां पहुचे तो देखा की काम बहुत जोरो से हो रहा था क्यूंकि शादी को 2 दिन ही बचे थे | दोस्तों मैं भी जाकर काम देखने लगा और शादी में बहुत भाग दोड़ होती है जिसकी वजह से किसी को इतना टाइम भी नही मिलता की किसी रिश्तेदार को बैठा कर पानी भी पिला शके | मैं उस टाइम बाहर से गेस का सेल्न्दर लेकर आया था और मैं जैसे ही अन्दर लेकर आया | दोस्तों मेरी नज़र एक लड़की पर पड़ी | वो दिखने में बहुत गोरी थी और वो किसी हिरोइन से कम भी नही लग रही थी | मैं उसको कुछ देर तक तो ऐसे ही देखता रहा और वो मुझे बिना देखे ही चली गयी | दोस्तों मुझे वो पहली नज़र में ही पसंद आ गयी थी और मैंने सोच लिया था की यहाँ से जाने से पहले इसका नम्बर तो ले ही लूँगा | फिर मैं थोडा काम करने के बाद मम्मी के पास जाकर बैठ गया | वो मुझसे मेरे बारे में पूछने लगी | मैं भी मम्मी को बता ही रहा था की वो लड़की मुझे फिर से दिख गयी | तब मैंने मम्मी से पूछा मम्मी ये लड़की कौन है पहली बार देख रहा हूँ | यहीं तुम्हरे यहाँ की है या कोई रिश्तेदार है | तब मम्मी ने मुझसे कहा की तुम नही जानते हो इस लड़की को | मैंने भी कहा नही मम्मी कौन है | दोस्तों तब मेरी मम्मी ने बताया की ये तुम्हारी भाभी की छोटी बहन है | दोस्तों मैं सिर्फ़ भाभी के घर एक बार ही गया था और उस दिन मुझ ये दिखी नही थी | मैं उस दिन के बाद कभी नही गया था |

तब मम्मी ने उसे बुला कर मुझसे पहचान कराई | दोस्तों तब मुझे उसका नाम पता चला | उसका नाम अनामीका था और वो सुन्दर तो थी ही पर उसका फिगर बहुत सेक्सी था | वो उसके बड़े बड़े बूब्स जो टी शार्ट के ऊपर से बहुत गोल दिख रहे थे और उसकी गांड तो बहुत सेक्सी थी | उसकी गांड काफी बड़ी थी जो जींस के ऊपर से ज्यादा ही सेक्सी दिख रहो थी | जब मुझे पता चल ही गया था की वो मेरी साली है तो मैं अब उसके साथ मजाक भी कर दिया करता था | जब मैं उससे मजाक करता तो वो मुझसे भी मजाक करती हम दोनों उस दिन तो एक दुसरे से मजाक करते रहे हमारा दिन कैसे निकल गया आता ही नही चला | फिर हम सब लोग खाना खाकर लेट गए | सब लोग छत पर साथ में ही लेटे थे जिससे हम लोग एक दुसरे से बात करते हुए सो गए | उसके दुसरे दिन की बात है जब मैं लेटा सो ही रहा था | सब लोग उठके नीचे चले गए थे और मैं सो ही रहा था | तब अनामिका पानी लेकर आई और मेरे ऊपर डाल दिया | दोस्तों मुझे घुस्सा तो बहुत आया और जब मैंने अनामिका को देखा तो उसके हाथ को पकड कर अपने ऊपर गिरा लिया | मैं उसे गिराने के बाद बाँहों में भर लिया | मैं जब उसको अपनी बाँहों में भर लिया था तो उसके मस्त बड़े बूब्स बाहर आ गए थे | मैं जब उसके बूब्स के अंदर तक देखने लगा तो वो मेरे मुंह पर एक हाथ मारती हुई बोली क्या देख रहे हो | मैंने भी बिना किसी डर के कह दिया बहुत अच्छे हैं और ये कहते हुए उसको अपने नीचे कर दिया | मैं उसको नीचे करने के बाद उसके दोनों बूब्स को कस के दबा दिया | दोस्तों उसके मुंह से एक अह निकल गयी और वो मुझे ऊपर से हटा कर लेट गयी | फिर हम दोनों ऐसे ही कुछ देर तक लेते रहे और वो जाती जाती मेरी होठो पर एक किस करदी | मुझे बहुत ख़ुशी हुई क्यूंकि वो पट गयी थी | अब हमे जब ही मौका मिलता हम दोनों एक दुसरे को किस करते और मैं उसके बूब्स को दबा देता |

अब हम दोनों उस दिन खूब मस्ती की और मैं उसके साथ पुरे मज़े लेता | फिर सब लोग शादी हो जाने के बाद अपने अपने घर चले गए | उसके दुसरे दिन मेरे घर के लोग भी चले गए थे | अब घर में कोई भी नही था बस मम्मी और मम्मी के घर के लोग थे | मेरा और अनामिका का बिस्तर एक रूम में मम्मी ने लगा दिया | दोस्तों सायद अनामिका ने मेरे और अपने बारे में मम्मी को बता दिया था जिसकी वजह से जब मम्मी मेरा और अनामिका का बिस्तर लगा रही थी तो मुझे देख कर हँस रही थी | फिर वो बिस्तर लगाने के बाद मेरे सर पर हाथ फेरते हुई चली गयी | जब हम दोनों खाना खाने के बाद कमरे में आये तो अनामिका ने अन्दर से दरवाजा को बंद कर लिए | हम दोनों कुछ देर तक एक दुसरे से बात करने के बाद मैं उसकी होठो को पर अपनी होठो रख दिया | वो मेरी होठो को चूसने के साथ मेरे लंड को पैंट के ऊपर से सहलाने लगी | मैं उसकी होठो को मुंह में रख कर जोर जोर से चूस रहा था साथ में उसके बड़े चिकने बूब्स को दबा रहा था | दोस्तों उसके बूब्स ज्यादा बड़े होने की वजह से मुझे बूब्स को दबाने में मज़ा आ रहा था | मैं उसकी होठो को चूसने के साथ बूब्स को ऐसे ही कुछ देर तब दबता रहा | फिर मैंने अपने कपडे निकाल दिए और साथ में उसके भी निकाल दिए | वो बिना कपड़ो के किसी पारी से कम नही लग रही थी | मैं उसको ऐसे देख कर उसकी कमर में लिपट गया और किस करते हुए उसके एक दूध को मुंह में रख कर चूसने लगा | वो बिस्तर को कस के पकड कर मचलती हुई मेरे सर को सहलाने लगी | मैं उसके दोनों बूब्स को ऐसे ही जोर जोर से मुंह में रख कर कुछ देर तक चूसने के बाद मैं अपने लंड को उसके हाथ में पकड़ा दिया | वो मेरे लंड को हाथ में पकड कर घुटनों के बल बैठ कर चूसने लगी | मैं अपने लंड को ऐसे ही 5 मिनट तक चुसाने के बाद |

मैंने उसकी टांगो को फैला कर उसकी चूत में थूक लगाकर उसकी चूत में घुसा दिया | जिससे उसके मुंह से जोर जोर से दर्द भरी अह अह की आवाजे निकल गयी | वो लेट कर कस के बिस्तर को पकड लिया और चुदने लगी | मैं उसकी कमर को दोनों हाथ से पकड कर जोरदार धक्के मारने लगा | मैं उसकी चूत में ऐसे ही जोर जोर के धक्के मारते हुए चोद रहा था | वो आ आ आ आ….. ह ह ह ह..ऊ ऊ ऊ ऊ ऊ ऊ…. ई ई ई ई ई….की सेक्सी आवाजे कर रही थी | मैं उसकी चूत में धक्के मारने के साथ उसके बूब्स को हाथ में पकड कर दबा रहा था | वो ह ह ह ह..ऊ ऊ ऊ ऊ ऊ ऊ…. ई ई ई ई ई…. करती हुई अपनी चूत को सहला रही थी | मैं उसकी चूत में ऐसे ही कुछ देर तक धक्के मारने के बाद उसकी चूत से लंड को निकाल कर उसको घोड़ी की तरह बेड पकड़ा कर खड़ा कर दिया | जब वो घोड़ी तरह खड़ी हो गयी तो मैं उसकी चूत में पीछे से लंड को घुसा कर जोरदार धक्के मारने लगा जिससे धक्को की आवाज कमरे में गूंजने लगी | मैं उसकी चूत में जोरदार धक्के मार रहा था और वो अपनी चूत को आगे पीछे करती हुई चुदाई का मज़ा ले रही थी | मैं उसको ऐसे ही कुछ देर तक चोदने के बाद उसकी चूत से निकाल कर झड़ गया | फिर मैं उसके बूब्स को दबाने के साथ उसकी होठो को कुछ देर तक चूसता रहा | फिर हम दोनों ने कपडे पहन कर लेट गये और हम दोनों एक दुसरे की बाँहों में लेते हुए सो गए थे |

Padosi ke saath Sex

हैलो दोस्तों मेरा नाम अमन है। मैं साउथ दिल्ली में अपने परिवार के साथ किराए के मकान में रहता हंू। दोस्तों आज मैं आपको अपनी एक सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हूं। हां तो मैं मकान के तीसरे फ्लोर पर रहता हंू, दूसरे फ्लोर पर एक नया शादीशुदा जोड़ा रहता है।

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लड़के की उम्र करीब 28 साल और लड़की की उम्र यही कोई 25 साल होगी। इसलिये मैं उनको भैया और भाभी बोलता था।

मेरे हसमुख स्वभाव के कारण दोनो परिवारों के बीच अच्छे संबंध हो गए थे और अक्सर एक दूसरे के यहां आना जाना शुरू हो गया। भाभी ग्रेजुएट थी, इसलिये मैं उनसे स्टडी टिप्स लेने जाना शुरू कर दिया। लेकिन दोस्तों उनके 36-24-36 फिगर को देखकर उन्हे ऊपर से लेकर नीचे तक देखे बिना रहा नहीं जाता था। उनके चुस्त सलवार कमीज से गजब का उभार लिए उनका अध ढके गोरे बूब्स और मस्त टाईट गांड मेरे सेक्स अरमानों में हलचल सी मचाने लगते थे। उनके कुर्ते से दिखती ब्रा मेरी आखों को ठंडक तो देती थी और साथ ही मेरे जिस्म में सनसनी सी मचा देती थी। मेरी उन हरकतों पर भाभी ध्यान तो देती थी पर न जाने क्यों हलकी सी मुस्कराहट के साथ नजरअंदाज कर देती थी। धीरे धीरे मेरे और भाभी के बीच बातचीत का सिलसिला बढ़ने लगा और अब भईया के जाने के बाद भाभी मुझे टाइमपास करने के लिए अक्सर बुलाने लगी और इसके साथ ही मेरी कामुक इच्छाओ का तालाब धीरे धीरे सागर बनता जा रहा था। फिर मैने सेक्सी बातें करना शुरू कर दिया, पहले तो उन्होंने कोई रिसपांस नहीं दिया लेकिन बाद में भाभी ने मजा लेना शुरू कर दिया।

एक दिन मैंने उन्हें हल्के गुलाबी सलवार कमीज में देखकर कहा भाभी आज तो आप बहुत गजब की लग रही हो, मन कर रहा है कि आपको बाहों में भर कर एक जोर का किस कर लंू। पहले तो वो एकदम अवाक रह गयी फिर थोड़ा रूककर बोली कि अगर इतना ही मन है तो आज तुम्हारे पास चांस है क्योंकि आज भईया दिल्ली से बाहर गये है। फिर क्या था मुझे भाभी का मन पढ़ने में जरा भी समय न लगा, और मैने भाभी को पूरी तरह बाहों में भर लिया जोर से उनके होठों को चूमने लगा। अब हम दोनों एक दूसरे के शरीर की गर्मी अच्छे से महसूस कर रहे थे। करीब 5 मिनट तक किस करने के बाद मैंने भाभी के नरम नरम बूब्स दबाने शुरू कर दिये और इसी के साथ भाभी का मचलना शुरू हो गया। अब बिना इंतजार किये मैने उनका कुर्ता उतार दिया और सफेद ब्रा में लिपटे गोरे गोरे मम्मों को चूसने लगा और धीरे से उनकी ब्रा का हुक खोलकर उसे हटा दिया और उनके सख्त सफेद मम्मों को पके आम की तरह चूसना शुरू कर दिया।

भाभी के निप्पल इतने टाइट थे कि चूसने का मजा दुगुना कर रहे थे। अब मैं कभी उनको किस करता तो कभी उनके मम्मों को चूसता। फिर धीरे से मैंने उनकी सलवार का नाड़ा खोलकर उसे उतार दिया और गोरी, मुलायम टांगों के बीच लाल पेंटी में छिपी चूत को निहारने लगा, फिर जल्द ही मैंने उनकी लाल पेंटी उतार दी जो पूरी तरह से उनकी चूत के पानी से गीली हो चुकी थी, भाभी की चूत पर एक भी बाल नहीं था फिर मैं उनकी चूत को उंगली से धीरे धीरे सहलाने लगा फिर जैसे ही मैंने उनकी चूत के दाने को मसलना शुरू किया भाभी की सिसकियां निकलने लगी। भाभी का पानी निकल चुका था और वह एक बार झड़ चुकी थी इसके बाद भाभी ने खुद अपनी ब्रा और मेरी शर्ट और पैन्ट उतारी। अब हम दोनो पूरी तरह से नंगे थे, इसके बाद मैंने चूत चाटना शुरू किया, दोंस्तों यह मेरा चूत चाटने का फस्र्ट टाइम था और मैंने इसे खूब एंज्वाय किया जिसमें भाभी मेरा भरपूर साथ दे रही थी।

अब बारी थी मेरे लंड की, मेरे करीब 7 इंच लंबे, मोटे और तने लंड को देखकर भाभी से न रहा गया और उसे दोनो हाथों से कस कर पकड़ते हुए बोली कि तुम्हारा लंड तो भईया से भी बड़ा है, फिर मैंने भी कह दिया कि कुछ कमाल तुम भी तो करो और मेरा इशारा समझते ही भाभी ने मेरा पूरा लंड अपने मुंह में भर लिया और जोर जोर से लंड चूसने लगी, और मुझे एक अनोखा अहसास मिलने लगा। फिर मैंै भी जोर से झटके देने लगा और भाभी का पूरा साथ दिया, करीब 5 मिनट तक चूसने के बाद भाभी ने मेरा लंड अपने मुह से निकाला। अब जो मेरा लंड पूरी तरह से गीला हो चुका था मैने उसको भाभी की गीली चूत पर रगड़ना शुरू कर दिया और इसी के साथ भाभी की आहें निकलने लगी। और भाभी बोली कि अमन अब जल्दी से मुझे चोद डालो अपने मोटे करारे लंड से मेरी फड़कती चूत की गर्मी शांत कर दो पर मै अपनी पहली चूत चुदाई को पूरा एंज्वाय करना चाहता था इसलिये मै भाभी के चूत के दाने के साथ अपने लंड से खेलने लगा। इसी के साथ भाभी की जोश अपने चरम पर पहंुच गया था। भाभी ने फिर से कहा कि मुझसे रहा नहीं जा रहा प्लीज अमन अब तो मेरी चुदाई करो।

इस बार मैंने उनकी बात मान ली और तने अपने लंड को भाभी की गुलगुली चूत में हलके झटके के साथ डाल दिया और चूत में जाते ही मेरा लंड का टोपा पूरा हट गया और मुझे थोड़े दर्द का अहसास हुआ लेकिन यह दर्द मेरी उस खुशी को दुगना कर रहा था जो मुझे पहली बार किसी की चूत चोदने पर मिल रही थी। इसके बाद मैने एक तेज झटका देकर पूरा लंड भाभी की चूत मे घुसा दिया और उनके मुंह से जोर की चीख निकल गई। फिर मैंने झटके तेज कर दिए और भाभी की आवाजें बदलने लगी, और हम दोनों चुदाई का भरपूर मजा ले रहे थे।

मेरा लंड भाभी की टाईट चूत में रगड़ रगड़ कर अपना कमाल दिखा रहा था और भाभी कसकर मुझे अपनी बाहों में भरे हुए थी, काफी देर तक चोदने के बाद जब मेरे झड़ने के साथ मेरा पानी निकलने का समय आया तो मैंने भाभी से पूछा कि पानी कहां निकालूंू तो भाभी ने कहा कि अन्दर ही छोड़ दो। और उनके कहने पर मै भाभी की चूत में ही झड़ गया। और फिर धीरे से अपना लंड भाभी की चूत से निकाल दिया, मेरे लंड पर हल्का खून लगा हुआ था जिसे भाभी ने कपड़े से पोंछ दिया। इस तरह हमने चुदाई का भरपूर मजा लिया।
हां, तो दोस्तों यह मेरी पहली चूत चुदाई की कहानी थी। उम्मीद करता हूं कि आप लोगों को पसंद आयी होगी। पढ़ने के लिए धन्यवाद।